जीका वायरस का इलाज संभव………

Health

(Newsofficer report)

अभी हाल ही में राजस्थान जयपुर में जीका वायरस के 50 से अधिक मामले मिलने के बाद, भारत में भी इस विशेष वायरस को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। इंटरनेट पर इस वायरस के लिए लोग बार-बार सर्च कर रहे हैं। हम आज आपको इसके बारे में पूरे विस्तार से जानकारी देंगे।

सबसे पहले आपके लिए यह जान लेना बहुत जरूरी है कि यह वायरस डेंगू की तरह मच्छरों से ही फैलता है। इसके मच्छर भी दिन के समय काटते हैं। यह वायरस इसी तरह एक रोगी से दूसरे रोगी के शरीर में मच्छर द्वारा प्रवेश करता है। उधर संक्रमण ग्रस्त खून चिढ़ाने व रोगी के साथ शारीरिक संबंध बनाने से भी इस वायरस के विषाणु फैलते हैं।

अब अगर इसके लक्षणों की बात करें तो बहुत कुछ डेंगू बुखार से मिलता-जुलता है। पीड़ित व्यक्ति के शरीर में दर्द रहता है, थकान, सिरदर्द, शरीर पर लाल चकत्ते, आंखों में सूजन होती है। इस प्रकार के लक्षण होने पर तुरंत जांच करवानी चाहिए।

इसके इलाज की बात करें तो अब तक ऐसा ही कहा जा रहा है कि जीका के इलाज के लिए कोई दवा नहीं बनी है। मगर हम आपको बता दें कि होम्योपैथी व आयुर्वेदा में इसका इलाज संभव है। आप तुरंत अपने नजदीकी विशेषज्ञ से इस बारे बातचीत कर सकते हैं।
होम्योपैथी में इसके रोगी को Eupatorium Perfoliatum, Belladonna, इन दवाओं का सेवन लाभदायक है। वहीं आयुर्वेद मैं भी ऐसे रोगी के लिए बहुत सी लाभदायक औषधियां उपलब्ध है।

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