अगले 24 घंटों के लिए मौसम वैज्ञानिकों ने की भविष्यवाणी सुनकर उड़ जाएंगे होश

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Newsofficer.in । Weather News

मौसम विभाग के अनुसार ग्वालियर चंबल क्षेत्र में उपर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। ऐसे में अगले 24 घंटों में यहां काफी बारिश होने की उम्मीद है। बारिश तेज होगी ऐसे में अंचल की निचली बस्तियों में पानी भ सकता है। बीती रात लगभग 40 एमएम बारिश दर्ज की गई। दोपहर के समय सात एमएम बारिश दर्ज हुई। देर रात तक बारिश का दौर जारी रहा। बीती रात से गुरुवार की देर रात तक 50 एमएम से ज्यादा बारिश हो चुकी है।

फसलों के लिए अमृत समान
खरीफ की फसलों में कम बारिश से 15-20 प्रतिशत नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। समय पर बोई गई बाजरे की फसलें पककर कटने भी लगी हैं। कुछ फसलों में बालियां और दाने भी पड़ चुके हैं। ऐसी फसलों में पानी न मिलने से अपेक्षित वृद्धि नहीं हो पाई। कृषि विशेषज्ञों का भी मानना है कि यह बारिश दोनों फसलों के लिए मुफीद है, लेकिन जो नुकसान हो चुका है उसकी भरपाई संभव नहीं है। गुरुवार को पोरसा में भी अच्छी बारिश हुई है।

जिले में शुरू में बारिश देर से होने का असर खरीफ की बोवनी पर पड़ा था। बाजरे की बोवनी से सकल लक्ष्य की भरपाई की कोशिश की गई, तमाम प्रयासों के बावजूद 11 प्रतिशत बोवनी ही कम हो पाई। इस तरह खरीफ के लिए तय कुल लक्ष्य 2.41लाख हेक्टेयर के विरुद्ध किसानों ने जिले में दो लाख 14 हजार 76 हेक्टेयर में ही बोवनी हो सकी। बाद में भी बारिश के दगा देने से बोई गई फसलों पर 15-20 प्रतिशत तक उत्पादन प्रभावित होने का अनुमान कृषि विशेषज्ञों का है। जिन क्षेत्रों में यह बरसात नहीं होगी, वहां तो खरीफ में ही और नुकसान बढ़ेगा।

रबी फसलों के लिए बारिश होगी लाभकारी
यह बारिश रबी फसलों के लिए भी लाभकारी मानी जा रही है। इस बारिश के बाद जिलेभर में रबी फसलों की बोवनी शुरू हो सकेगी। हालांकि किसान दशहरे के बाद ही सरसों की बोवनी प्रारंभ करते हैं। इसलिए इस बारिश को दोनों फसलों के लिए अमृत माना जा रहा है। हालांकि कुछ किसानों ने निजी साधनों से पलेवा करके भी बोवनी कर ली है, लेकिन यदि आसमान साफ हुआ और तापमान बढ़ा तो समस्या आ सकती है। कृषि विभाग ने अब तक रबी फसलों के लिए लक्ष्य का निर्धारण भी नहीं किया है।

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